सड़क हादसे में मृत युवक के परिजनों से मिले राष्ट्रीय नाय महासभा के पदाधिकारी,

मधुबनी खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव निवासी कृष्ण कुमार ठाकुर की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद गांव में लगातार तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच राष्ट्रीय नाय महासभा, मधुबनी के प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

बताया जाता है कि 5 जून की सुबह करीब 6:30 बजे 35 वर्षीय कृष्ण कुमार ठाकुर साइकिल से घर से निकले थे। इसी दौरान खजौली-मधुबनी मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई।

घटना के दो दिन बाद 7 जून को स्थानीय विधायक एवं बिहार सरकार में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मृतक के परिजनों से मिलने ठाहर गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्याय और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। हालांकि, संवेदना व्यक्त करने के दौरान मंत्री के काफिले पर कथित हमला हुआ, जिसमें उनकी गाड़ी का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज की और हमले के आरोप में तीन महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के डर से कई लोग गांव छोड़कर चले गए हैं और कई घरों में ताले लटके हुए हैं।

मृतक के परिजनों का कहना है कि कृष्ण कुमार ठाकुर की मौत एक कथित शराब कारोबारी की बाइक से हुई थी और परिवार को न्याय व उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि मंत्री पर हमले के मामले में निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है। परिजनों ने यह भी कहा कि जिस घर में मंत्री संवेदना व्यक्त करने आए थे, उसी परिवार पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो उनके अनुसार गलत है।

राष्ट्रीय नाय महासभा के जिला अध्यक्ष राजा ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने मृतक परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि सड़क हादसे में परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य खो गया है, लेकिन इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मंत्री पर हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

महासभा के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे तथा निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की मांग करेंगे। वहीं, मृतक की पत्नी, बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में अब भी भय का माहौल बना हुआ है।