दुष्कर्म मामलों में टू-फिंगर टेस्ट पर झारखंड हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी !

Jharkhand High Court ने दुष्कर्म मामलों में टू-फिंगर टेस्ट को पूरी तरह अस्वीकार्य और प्रतिबंधित प्रक्रिया बताते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।

अदालत ने कहा कि यह परीक्षण पीड़िता की गरिमा और निजता का उल्लंघन करता है तथा इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों और चिकित्सा संस्थानों को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस टिप्पणी को महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।