शौर्य चक्र से सम्मानित हुए बोकारो के लाल सद्दाम हुसैन, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

झारखंड के बोकारो जिले के लिए गर्व का क्षण है। देश की सुरक्षा में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले सीआरपीएफ जवान सद्दाम हुसैन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।

बोकारो स्टील सिटी के कैंप-2 निवासी मोहम्मद राशिद के पुत्र सद्दाम हुसैन ने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक बेहद जोखिमपूर्ण अभियान में असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया था। 5 नवंबर 2024 को सुरक्षा एजेंसियों को दो विदेशी आतंकवादियों के एक मकान में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सीआरपीएफ, असम राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया।

मुठभेड़ के दौरान आतंकवादी सुरक्षित ठिकाने में छिपे हुए थे, जिससे ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसे कठिन हालात में सद्दाम हुसैन ने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस और सूझबूझ का परिचय दिया तथा अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के कारण सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हासिल हुई।

उनकी इसी वीरता को देखते हुए उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान “शौर्य चक्र” से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

सम्मान मिलने के बाद सद्दाम हुसैन के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार के सदस्यों ने इसे पूरे परिवार और बोकारो जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि सद्दाम की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने पूरे झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

सद्दाम हुसैन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उनकी वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।