15 से 17 जून के बीच फ्रांस में आयोजित होने जा रहे G7 Summit 2026 पर वैश्विक समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारत को भी विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल होने का निमंत्रण मिला है, जिससे वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भविष्य की कूटनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है। दुनिया भर के नीति विशेषज्ञ और निवेशक भी इस बैठक के परिणामों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।