निजी विद्यालयों की कथित मनमानी के खिलाफ सड़क पर उतरी शिक्षा उत्थान समिति,

जमशेदपुर के बारीडीह गोलचक्कर पर झारखंड शिक्षा उत्थान समिति के नेतृत्व में निजी विद्यालयों की कथित मनमानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। समिति के अध्यक्ष अजितेश उज्जैन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और भिक्षाटन के माध्यम से अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निजी विद्यालय हर वर्ष पाठ्यपुस्तकों में बदलाव और लगातार फीस वृद्धि कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर लोगों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्रांति सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावकों को हर साल नई किताबें खरीदने और बढ़ी हुई फीस का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार से निजी विद्यालयों के लिए स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाने की मांग की, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जा सके।

समिति के अध्यक्ष अजितेश उज्जैन ने कहा कि सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों में बोर्डवार विषयों के लिए एक समान पाठ्यपुस्तकें लागू की जानी चाहिए। इससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा और शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी।

प्रदर्शन के दौरान समिति के सदस्यों ने सरकार से निजी विद्यालयों की फीस संरचना और पुस्तक चयन प्रक्रिया पर निगरानी रखने की मांग की। साथ ही शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता और समिति के सदस्य शामिल हुए। सभी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग दोहराई।