झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार युवकों की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी रविवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने घटना को बेहद दुखद और प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से अवैध खनन जारी है, लेकिन प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मरांडी ने इस हादसे के लिए रामगढ़ के डीसी, एसपी तथा सीसीएल (CCL) प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो चार युवकों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मरांडी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही और खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करती हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
