एआईवाईएफ प्रशिक्षण शिविर में 15 जुलाई विधानसभा घेराव का शंखनाद,

मधुबनी में आयोजित अखिल भारतीय नौजवान संघ (एआईवाईएफ) के तीन दिवसीय बिहार राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का समापन आंदोलनात्मक रणनीति और युवा मुद्दों पर व्यापक चर्चा के साथ हुआ। शिविर के अंतिम सत्र में संगठन को मजबूत बनाने तथा बेरोजगारी, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे सवालों पर राज्यव्यापी संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।

प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए एआईवाईएफ के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां युवाओं के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी आज देश और बिहार के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, जिसके खिलाफ संगठित और निरंतर संघर्ष की आवश्यकता है।

प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कॉरपोरेट समर्थक आर्थिक नीतियों का दूरगामी प्रभाव समाज और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। उन्होंने बिहार के युवाओं से राज्य के विकास और बदलाव के लिए संकल्पित होकर संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और औद्योगिक विकास के बिना बिहार का समग्र विकास संभव नहीं है।

शिविर में वक्ताओं ने घोषणा की कि युवाओं के अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर आगामी 15 जुलाई को बिहार विधानसभा घेराव किया जाएगा। इसके लिए राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क और आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

नेताओं ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को लेकर सरकार की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संगठन गांव से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन को मजबूत करेगा। शिविर में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और संगठन विस्तार पर चर्चा की।

कार्यक्रम के अंत में युवाओं को संगठित होकर सामाजिक बदलाव, रोजगार के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प दिलाया गया।