बगहा, पश्चिम चंपारण टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हारनाटांड, बगहा-2 के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के.बी.एन. सिंह ने निक्षय मित्र बनकर दो टीबी मरीजों को गोद लिया है और उनके उपचार एवं पोषण की जिम्मेदारी उठाई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य जांच के दौरान कैलाश नगर की एक युवती और बेलहवा राय टोला निवासी मनबहाली राय में टीबी की पुष्टि हुई। इसके बाद दोनों मरीजों को निक्षय मित्र योजना से जोड़ा गया, ताकि उन्हें इलाज के साथ-साथ नियमित पोषण और आवश्यक सहयोग मिल सके।
योजना के तहत दोनों मरीजों को समय-समय पर पोषण पोटली और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उनके उपचार की नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे वे समय पर स्वस्थ हो सकें और टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
डॉ. के.बी.एन. सिंह ने कहा कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच, नियमित दवा और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने और टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सरकारी प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकता है। पीएचसी हारनाटांड की यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।
