संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अब भी लगभग 50 करोड़ लोग पर्याप्त पौष्टिक भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, लेकिन पोषण संबंधी चुनौतियां अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुपोषण से निपटने के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाने, आय में वृद्धि और जनजागरूकता पर लगातार काम करने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट में सरकारों और नीति निर्माताओं से खाद्य सुरक्षा तथा पोषण संबंधी योजनाओं को और प्रभावी बनाने की अपील की गई है, ताकि सभी लोगों को संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।