घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही परिणाम, वैश्विक बाजारों की चाल और आर्थिक आंकड़ों पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा के अनुसार बाजार की दिशा तय हो सकती है।