सावन माह में शिवभक्ति और आस्था के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से आए एक श्रद्धालु परिवार ने अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। परिवार अपनी दोनों बेटियों को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।
श्रद्धालु ने बताया कि उनके घर पहले दो बेटियों का जन्म हुआ था। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव से पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना करते हुए मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी मनोकामना पूरी हुई तो वे अपनी दोनों बेटियों को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लाएंगे और शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनकी मनोकामना पूरी हुई और पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। मन्नत पूरी होने के बाद अब वे अपने संकल्प को निभाने के लिए पूरे परिवार के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालु ने कहा कि बेटियां परिवार की शान होती हैं और उन्हें इस यात्रा में शामिल कर वह समाज को बेटियों के सम्मान का संदेश भी देना चाहते हैं।
कांवड़ में बैठी दोनों बेटियां भी इस यात्रा को लेकर उत्साहित नजर आईं। रास्ते में श्रद्धालु परिवार को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती रही और कई लोगों ने उनकी आस्था एवं संकल्प की सराहना की |
सावन के पावन महीने में यह अनोखी कांवड़ यात्रा श्रद्धा, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आई है। श्रद्धालु परिवार का कहना है कि भगवान शिव में अटूट आस्था और सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।
