सावन में सेवा की मिसाल बनीं छम छम देवी किन्नर, गरीबों और कुष्ठ रोगियों के लिए कराया भंडारा

सावन के पावन माह में जहां एक ओर शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीन हैं, वहीं दूसरी ओर समाज सेवा और मानवता की मिसाल भी देखने को मिल रही है। झारखंड प्रदेश किन्नर समाज की प्रदेश अध्यक्ष छम छम देवी किन्नर ने अपने जामाडोबा स्थित आवास पर गरीबों, असहाय लोगों और कुष्ठ रोगियों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन कर सेवा और परोपकार का संदेश दिया।

भंडारे में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने भाग लिया। सभी को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया और उनके प्रति आत्मीयता का भाव प्रदर्शित किया गया। आयोजन के दौरान छम छम देवी किन्नर स्वयं लोगों की सेवा में जुटी रहीं और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील करती नजर आईं।

छम छम देवी किन्नर ने कहा कि सावन का महीना केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, दया और मानवता का भी संदेश देता है। उन्होंने बताया कि अपने जजमानों की खुशी और जरूरतमंद लोगों की सहायता के उद्देश्य से इस भंडारे का आयोजन किया गया है। उनका मानना है कि समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि सेवा के छोटे-छोटे कार्य भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। जरूरतमंदों की सहायता करने से न केवल उन्हें राहत मिलती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव भी मजबूत होता है। इस तरह के आयोजन लोगों को एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देते हैं।

भंडारे में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए छम छम देवी किन्नर का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि समाज सेवा के ऐसे कार्य दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। सावन के पावन अवसर पर आयोजित यह भंडारा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और मानवता, सेवा तथा सामाजिक समरसता का संदेश देता नजर आया।