श्रावण मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध प्राचीन बुढ़वा महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए।
भक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं फूल अर्पित किए। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रावण मास की सोमवारी को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और दर्शन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बुढ़वा महादेव मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। बारिश के मौसम में जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह मंदिर परिसर हरियाली की चादर ओढ़ लेता है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।
