प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की विकास यात्रा, युवाओं की भूमिका और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा और ऊर्जा क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने युवाओं को देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए विकास प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में सरकार की विकास प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। भाषण के बाद विकसित भारत के लक्ष्य और उससे जुड़ी नीतियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में चर्चा जारी है।