संथाली पेपर में ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवालों पर भड़के छात्र, धनबाद में प्रदर्शन के बाद रांची कूच की चेतावनी

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के संथाली भाषा के प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का आक्रोश सामने आया है। प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे जाने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धनबाद के रणधीर वर्मा चौक स्थित धरना स्थल पर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और परीक्षा आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। छात्रों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन प्रश्नपत्र में ऐसे सवाल पूछे गए जो उनके अनुसार निर्धारित सिलेबस का हिस्सा नहीं थे। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।

संस्कृत साहित्य से जुड़े सवाल पूछने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम के विपरीत संस्कृत साहित्य से जुड़े सवाल पूछे गए। छात्र नेता आशीष अनुराग ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और फील्ड वर्कर के रूप में काम करने वाले अभ्यर्थियों के साथ यह अन्याय है।

आशीष अनुराग ने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों ने जिस विषय और निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी की थी, प्रश्नपत्र में उससे अलग सामग्री से जुड़े सवाल आने के कारण उम्मीदवारों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोग को प्रश्नपत्र तैयार करते समय निर्धारित सिलेबस और परीक्षा के नियमों का स्पष्ट रूप से पालन करना चाहिए।

परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे जाते हैं तो इससे उन अभ्यर्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिन्होंने निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर मेहनत की है।

प्रदर्शनकारियों ने संबंधित परीक्षा आयोग से पूरे प्रश्नपत्र की समीक्षा कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि कथित तौर पर आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए सवालों की जांच विशेषज्ञों की समिति से कराई जानी चाहिए और जांच के बाद अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।

सरकार और आयोग से कार्रवाई की मांग

धनबाद में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने राज्य सरकार और परीक्षा आयोग से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और प्रश्नपत्र से जुड़े विवाद का निष्पक्ष समाधान निकाला जाए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि यदि जांच में प्रश्नपत्र में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे जाने की पुष्टि होती है तो अभ्यर्थियों को उचित राहत दी जाए। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवा लंबे समय तक तैयारी करते हैं और ऐसे विवादों का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है।

मांग पूरी नहीं हुई तो रांची कूच की चेतावनी

धनबाद में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ी संख्या में रांची कूच करेंगे और राज्य स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना और अभ्यर्थियों के साथ न्याय की मांग करना है। फिलहाल संथाली प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित परीक्षा आयोग की ओर से इस मामले में उठाए जाने वाले अगले कदम पर है।