नेपाल में बाढ़-मलबे की तबाही, चनपटिया के तीन मजदूर 5 दिन से लापता; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के पांच दिन बाद भी पूर्वी तुरहापट्टी पंचायत के वार्ड नंबर-1 के तीन मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता मजदूरों के परिजन अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार इंतजार कर रहे हैं।

लापता मजदूरों की पहचान अरमान मियां (35), समीर अंसारी (20) और मुख्तार अंसारी (52) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों मजदूर नेपाल में बढ़ई मिस्त्री का काम करने के लिए गए थे। नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ और मलबे की चपेट में आने के बाद से तीनों का पता नहीं चल पाया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद से चनपटिया में उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी भी तरह अपने प्रियजनों के सुरक्षित लौटने की खबर का इंतजार कर रहे हैं। पांच दिन बीत जाने के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की बेचैनी और बढ़ गई है।

बताया गया कि नेपाल में बाढ़ और मलबे के दौरान हालात बेहद भयावह हो गए थे। वहां मौजूद मजदूरों के अनुसार अचानक आई प्राकृतिक आपदा के कारण लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई इलाकों में मलबा और पानी फैलने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।

लापता मजदूरों की तलाश को लेकर परिजन लगातार जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। अब उनकी नजर नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्य पर टिकी हुई है। परिवारों ने प्रशासन से भी मामले में गंभीरता से पहल करते हुए लापता मजदूरों की तलाश कराने और उनके बारे में जल्द जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।