देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के मामले भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि उबला हुआ या स्वच्छ पानी पीना, ताजा भोजन करना, हाथों की नियमित सफाई और घर के आसपास पानी जमा न होने देना बेहद जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, शरीर दर्द, उल्टी, दस्त या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता के माध्यम से अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है। इसलिए बारिश के मौसम में व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ पेयजल और संतुलित खानपान को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है।