प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर मंगलवार को अपने दो दिवसीय धनबाद दौरे के दौरान झरिया पहुंचे, जहां उन्होंने झरिया मास्टर प्लान के तहत चल रहे पुनर्वास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने करमाटांड़ और बेलगड़िया फेस-5 स्थित पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण किया तथा विस्थापित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
बेलगड़िया पहुंचने पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल तथा कपड़ा मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलका नंदा दयाल सहित कई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद तरुण कपूर ने पुनर्वास स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों से बातचीत कर आवास, पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों ने पुनर्वास से संबंधित विभिन्न समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखा। कई रैयतों और विस्थापितों ने रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और मुआवजे से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
तरुण कपूर ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झरिया मास्टर प्लान का उद्देश्य केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
झरिया क्षेत्र लंबे समय से भूमिगत आग और भू-धंसान जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। पीएम के सलाहकार का यह दौरा पुनर्वास कार्यों की प्रगति और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार दौरे के दौरान पुनर्वास कार्यों की प्रगति, विस्थापितों की समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरे के बाद पुनर्वास से जुड़ी कई लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
