नेपाल में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को गंभीर बना दिया है। देश के कई पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं, जिससे हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पड़े हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
नेपाल की नदियों का जलस्तर बढ़ने का सीधा प्रभाव भारत के सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश पर पड़ता है। इसी को देखते हुए भारतीय प्रशासन ने सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्षा का क्रम जारी रहा तो कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।