गंडक नदी का बढ़ा जलस्तर, पहली बार 3 लाख क्यूसेक पार डिस्चार्ज; निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

नेपाल और बिहार में लगातार बारिश के बाद बढ़ा गंडक का जलस्तर, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

पश्चिम चंपारण/बगहा। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। बिहार और नेपाल के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंडक बराज से इस वर्ष पहली बार तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।

लगातार बारिश और नेपाल से पानी आने के कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों की टीम प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रही है।

अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा

बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए 26 सितंबर 2026 को बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी, अपर समाहर्ता, पश्चिम चंपारण, अंचल अधिकारी वसीम अकरम तथा एसएसबी की 65वीं बटालियन के अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति की जानकारी ली।

प्रशासन की टीम ने तटवर्ती और निचले इलाकों में स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की। संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से आवश्यक तैयारियां पूरी रखने की मांग की है।

प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिस्थितियों के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

नेपाल में बारिश का असर

गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के पीछे नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके साथ ही पश्चिम चंपारण में लगातार बारिश से भी नदी और आसपास के जलस्रोतों में पानी बढ़ रहा है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटवर्ती और निचले इलाकों में निगरानी बनाए रखना तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने की तैयारी करना है।