धनबाद के धनसार स्थित विश्वकर्मा परियोजना में 2 अक्टूबर को हुए हादसे में हॉलपैक ऑपरेटर ललन नोनिया की मौत हो गई। घटना के बाद परियोजना को बंद कर दिया गया। हादसे की जांच के लिए DGMS की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव पहुंचने पर परिजनों और राष्ट्रीय कामगार यूनियन के सदस्यों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के आश्रित को एक करोड़ रुपये मुआवजा और नियोजन देने की मांग की। साथ ही परियोजना प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, 2 अक्टूबर को विश्वकर्मा परियोजना में काम के दौरान हॉलपैक ऑपरेटर ललन नोनिया हॉलपैक सहित करीब 50 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गए। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल DGMS की टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही दुर्घटना की परिस्थितियों और संभावित जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों ने मुआवजे और नियोजन की मांग पूरी होने तक अपनी मांगों पर जोर दिया है।
