झारखंड के धनबाद में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने पिछले चार-पांच महीनों से वेतन नहीं मिलने और एंबुलेंस की जर्जर स्थिति के विरोध में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ (संबद्ध-भारतीय मजदूर संघ) के बैनर तले कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित कर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एंबुलेंस पायलट दिनेश कुमार यादव ने बताया कि पिछले चार से पांच महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।
कंपनी और अधिकारियों पर मनमानी का आरोप
संघ ने कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर मनमानी तथा कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना है कि हाजिरी बनाने के नाम पर पैसे काटने सहित अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा एंबुलेंस की बदहाल स्थिति को लेकर भी कर्मियों ने नाराजगी जताई।
मांगें पूरी करने की उठाई आवाज
कर्मचारियों ने बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने, एंबुलेंस की स्थिति सुधारने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम के जरिए उन्होंने प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
एंबुलेंस कर्मियों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान होना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और एंबुलेंस सेवाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकें।
