जिले में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के आवेदनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
रद्द किए गए आवेदनों में नए रजिस्ट्रेशन के तीन और नवीनीकरण का एक आवेदन शामिल है।
20 नवंबर तक कमियां दूर करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने नवीनीकरण से जुड़े अन्य मामलों पर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटरों को नोटिस जारी करने और निर्धारित कमियों को दूर करने के लिए 20 नवंबर तक का समय देने का निर्देश दिया।
प्रशासन का उद्देश्य जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन में निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
20 नवंबर से शुरू होगा सघन जांच अभियान
निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान केंद्रों में पाई गई कमियों और नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान मानकों का पालन नहीं करने वाले केंद्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के अनुपालन को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमों के अनुपालन पर प्रशासन का जोर
पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य प्रसवपूर्व लिंग निर्धारण और उससे जुड़े प्रतिबंधित कार्यों पर रोक लगाना है। इसके तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों का पंजीकरण और निर्धारित नियमों का पालन महत्वपूर्ण है।
धनबाद जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण, नवीनीकरण और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच पर जोर बढ़ने की उम्मीद है।
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