शनिवार को सफाई कार्य के पहले दिन क्… धनबाद में जल संकट! झमाडा के क्लेरिफायर की सफाई से 2 लाख लोगों की जलापूर्ति प्रभावित, सोमवार तक राहत की उम्मीद

धनबाद और झरिया के आसपास के इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। झमाडा के जामाडोबा जल संयंत्र केंद्र स्थित 12 एमजीडी जलभंडारण गृह के दूसरे क्लेरिफायर की सफाई का काम शनिवार से शुरू कर दिया गया है। इस कार्य के कारण अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इससे करीब दो लाख की आबादी पर असर पड़ने की संभावना है।

पाथरडीह और भौरा पाइपलाइन से जलापूर्ति प्रभावित

क्लेरिफायर की सफाई के कारण केंद्र से संचालित 18 इंची पाथरडीह पाइपलाइन और 8 इंची भौरा पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। पाथरडीह, डिगवाडीह, जेलगोड़ा, जोड़ापोखर, फुसबंगला, भागा, लोदना, जयरामपुर और भौरा समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, 30 इंची पाइपलाइन के माध्यम से झरिया में होने वाली जलापूर्ति पर भी आंशिक असर पड़ने की संभावना जताई गई है।

मटमैले पानी की शिकायत के बाद सफाई

जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति में मटमैले पानी की शिकायत सामने आने के बाद क्लेरिफायर की सफाई शुरू की गई है। जल संयंत्र में सफाई का उद्देश्य पानी की गुणवत्ता में सुधार करना और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

सोमवार देर रात तक सामान्य जलापूर्ति की उम्मीद

सफाई कार्य के कारण अगले तीन दिनों तक जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार देर रात तक सामान्य जलापूर्ति बहाल हो सकती है। तब तक प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को पानी का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करने और उपलब्ध पानी का उचित प्रबंधन करने की जरूरत होगी।

झमाडा के इस जल संयंत्र पर आसपास के बड़े इलाके की निर्भरता को देखते हुए सफाई कार्य पूरा होने और नियमित जलापूर्ति बहाल होने का लोगों को इंतजार है।