झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत शानडीह गांव में 22 वर्षीय युवक नितिश कुमार रजक की मौत के बाद मामला चर्चा में है। मृतक की मां रीना देवी ने जमुआ थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर रिचा कुमारी सहित उसके परिवार के कई सदस्यों पर अपने पुत्र को कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, ब्लैकमेल करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामले में मोबाइल फोन पर हुई बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग उठी है। मृतक की मां का दावा है कि युवक के मोबाइल में सुसाइड नोट मौजूद है। उन्होंने पुलिस से वीडियो कॉल और चैट की जांच कर घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की अपील की है।
मां ने आवेदन देकर लगाए गंभीर आरोप
मृतक की मां रीना देवी ने जमुआ थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में रिचा कुमारी और उसके परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि उनके पुत्र को कथित रूप से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और ब्लैकमेलिंग के जरिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों ने आशंका जताई है कि कथित प्रताड़ना का युवक पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा होगा। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने और आवेदन में नामजद लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
हालांकि, फिलहाल ये आरोप मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि, संबंधित पक्ष का बयान और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मोबाइल में सुसाइड नोट होने का दावा
मृतक के मोबाइल फोन में कथित सुसाइड नोट होने के दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिजनों ने पुलिस से मोबाइल फोन में उपलब्ध सामग्री की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक की मौत से पहले किन परिस्थितियों का सामना कर रहा था।
मां रीना देवी ने वीडियो कॉल और चैट की भी जांच कराने की मांग की है। परिजनों का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से युवक और संबंधित लोगों के बीच हुई बातचीत तथा संपर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
मोबाइल फोन में मौजूद किसी भी कथित सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और डिजिटल बातचीत के संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विधिवत जांच मामले के तथ्यों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की जांच की मांग
रीना देवी ने अपने आवेदन में मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाते हुए पुलिस से संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिजनों की मांग है कि युवक की मौत से पहले की परिस्थितियों, मोबाइल फोन में उपलब्ध सामग्री और कथित बातचीत के सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच की जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए ही घटना से जुड़े तथ्यों का पता चल सकेगा।
पुलिस जांच से खुलेगा मामले का राज
जमुआ थाना क्षेत्र के शानडीह गांव में 22 वर्षीय नितिश कुमार रजक की मौत के मामले में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। मृतक की मां द्वारा दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों और मोबाइल फोन में कथित तौर पर मौजूद डिजिटल साक्ष्यों की जांच से मामले की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और उनकी मांगों पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति और जांच के निष्कर्षों की जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
