रक्षक ही भक्षक? धनबाद में CISF की क्राइम विंग पर कोयला तस्करों से मिलीभगत और अवैध वसूली के गंभीर आरोप, DIG तक पहुंची शिकायत

कोयलांचल में कोयला चोरी रोकने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की क्राइम एंड इंटेलिजेंस विंग खुद गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। बीसीसीएल (BCCL) ब्लॉक-2 में तैनात CISF कर्मी मृत्युंजय कुमार पर कथित तौर पर कोयला तस्करों के साथ मिलीभगत करने और अवैध वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर बल के उच्चाधिकारियों तक लिखित शिकायत पहुंचने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है।

बिना कार्रवाई ट्रक छोड़ने और 15 हजार रुपये वसूली का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की लिखित शिकायत CISF के DIG राजीव मिश्रा तक भेजी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कोयला तस्करी से जुड़े ट्रकों को कथित तौर पर बिना कार्रवाई के छोड़ दिया जाता था। साथ ही प्रति ट्रक 15 हजार रुपये तक अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

CISF की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कोयला चोरी और तस्करी पर रोक लगाने के लिए तैनात सुरक्षा बल के कर्मियों पर ही इस तरह के आरोप सामने आने से CISF की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर मामला हो सकता है।

DIG तक पहुंची शिकायत, जांच और कार्रवाई का इंतजार

मामले की शिकायत CISF के DIG राजीव मिश्रा तक पहुंचने के बाद अब विभागीय जांच और संभावित कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित कर्मी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

अब देखना होगा कि CISF के उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और कोयला तस्करी से कथित सांठगांठ के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।