झरिया में सीवरेज प्लांट को लेकर बवाल, पेटिया बस्ती में सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं का जोरदार विरोध

झरिया के भागाबांध ओपी क्षेत्र अंतर्गत जीतपुर जोड़िया के समीप पेटिया बस्ती में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब नगर निगम द्वारा प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विरोध की अगुवाई कर रही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौके पर पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग करने लगीं।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि बिना उनकी सहमति और उचित जानकारी के उनकी जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उनके रहने-सहने और भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। विरोध कर रही महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए महिला पुलिस ने रस्सी लगाकर बैरिकेडिंग की, इस दौरान महिला पुलिस और ग्रामीण महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

मौके पर पुटकी अंचल अधिकारी विकास आनंद, सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार, सीसीआर डीएसपी, जोरापोखर सर्किल इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सत्यम सहित आधा दर्जन थानों की पुलिस बल मौजूद रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।

“धनबाद जिले के झरिया में सीवरेज प्लांट के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का जोरदार विरोध”2️⃣ “पेटिया बस्ती झरिया में सीवरेज प्लांट विवाद के दौरान महिला पुलिस और ग्रामीण महिलाएं”

3️⃣ “झरिया में नगर निगम के सीवरेज प्लांट निर्माण को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन”

4️⃣ “सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट विरोध के दौरान पेटिया बस्ती में तैनात पुलिस बल”
झरिया के भागाबांध ओपी क्षेत्र अंतर्गत जीतपुर जोड़िया के समीप पेटिया बस्ती में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब नगर निगम द्वारा प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विरोध की अगुवाई कर रही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौके पर पहुंचीं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग करने लगीं।
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि बिना उनकी सहमति और उचित जानकारी के उनकी जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उनके रहने-सहने और भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।