रक्सौल नगर परिषद के वार्ड नंबर 12 के लगभग 300 परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा 30 जनवरी तक अपनी जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। इन परिवारों की भूमि को अतिक्रमणकारी/ट्रेसपासर घोषित कर उन्हें फ्रेश लीज और भारी राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय निवासी इस आदेश से भयभीत हैं और उनका कहना है कि यह भूमि उनके पूर्वजों से कानूनी रूप से प्राप्त है। वे बताते हैं कि 1952 में बिहार सरकार द्वारा बनाए गए रजिस्टर 02 (टू) के अनुसार इन भूमि धारकों के नाम दर्ज हैं और पिछले लगभग 100 वर्षों से यह भूमि उनकी है।
परिवारों ने स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल और विधायक प्रमोद सिन्हा को सामूहिक पत्र सौंपकर इस समस्या से अवगत कराया है। निवेदन में कहा गया है कि इतने बड़े शुल्क का भुगतान उनके लिए संभव नहीं है और 30 साल का लीज समझौता भी व्यावहारिक नहीं है।
इस गंभीर भूमि विवाद में पूर्व वार्ड पार्षद और जदयू जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार के नेतृत्व में लगभग 300 लोगों के हस्ताक्षर शामिल हैं। परिवारों ने जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध नोटिस रद्द कराने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।
यह मामला न केवल रक्सौल के 300 परिवारों, बल्कि पूरे क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमि प्रशासनिक विषय है।

स्थानीय निवासी इस आदेश से भयभीत हैं और उनका कहना है कि यह भूमि उनके पूर्वजों से कानूनी रूप से प्राप्त है। वे बताते हैं कि 1952 में बिहार सरकार द्वारा बनाए गए रजिस्टर 02 (टू) के अनुसार इन भूमि धारकों के नाम दर्ज हैं और पिछले लगभग 100 वर्षों से यह भूमि उनके कब्जे में है।
