नई दिल्ली – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि DRT और DRAT के लंबित मामलों में अधिकांश उच्च-मूल्य वाले मामले हैं, जिनमें ₹100 करोड़ और उससे अधिक के दावे शामिल हैं। लंबित मामलों में कुल राशि का लगभग 71% हिस्सा इसी श्रेणी के मामलों से संबंधित है।
उन्होंने बताया कि लंबित मामलों के निस्तारण के लिए दो-तरफा रणनीति अपनाई गई है:
विशेष DRT केवल उच्च-मूल्य वाले मामलों (₹100 करोड़ और अधिक) को सुनने के लिए नामित किए गए हैं।
बैंकों और वित्तीय संस्थानों को वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) जैसे लोक अदालत और अन्य मंचों के माध्यम से मामलों का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने NALSA (नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के सहयोग से DRT संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अदालतों का आयोजन शुरू किया है। 2025 में दो विशेष लोक अदालतें आयोजित की गई थीं और इन्हें काफी सफल माना गया।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए चार विशेष लोक अदालतें आयोजित करने की योजना है। इन कदमों के माध्यम से मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, और स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है ताकि आवश्यक सुधार किए जा सकें।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन प्रयासों से DRT मामलों की लंबित संख्या में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।










