तेहरान / मशहद, ईरान ; ईरान को अब आसमानी हमलों की तुलना में जमीन पर गहराता जल संकट अधिक परेशान कर सकता है। मशहद का जल सिस्टम लगभग ठप होने की कगार पर है, जबकि 4 बड़े बांध प्रभावी रूप से बंद हो चुके हैं।
देश में कुल डैम क्षमता का करीब 53% खाली हो चुका है। वहीं, हफ्तकेल में 10,000 मीटर³ का जलाशय नष्ट होने की खबर है। तेहरान की जल एजेंसी को भी नुकसान की जानकारी मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की पूर्वस्थिति के बावजूद ईरान 60 साल के सबसे बड़े जल संकट का सामना कर रहा है। इससे देश में पानी की कमी और कृषि, उद्योग एवं घरेलू उपयोग पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है।









