पुणे की आईटी कंपनी बंद होने से सैकड़ों कर्मचारी प्रभावित, CEO गिरफ्तार

महाराष्ट्र के प्रमुख आईटी हब हिंजेवाड़ी में स्थित एक निजी आईटी कंपनी के अचानक बंद हो जाने से सैकड़ों कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कंपनी के बिना किसी पूर्व सूचना के संचालन बंद करने से 500 से अधिक कर्मचारी, इंजीनियर और इंटर्न प्रभावित हुए हैं। मामले में पुलिस ने कंपनी के CEO को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, नोएडा पंजीकृत आईटी कंपनी ThynkTech India OPC Pvt Ltd ने पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित अपने कार्यालय का संचालन अचानक बंद कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें पहले नौकरी और बेहतर करियर का भरोसा दिया, लेकिन बाद में कार्यालय बंद कर दिया गया और कई कर्मचारियों को महीनों का वेतन भी नहीं मिला।

कई इंटर्न और कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने लैपटॉप उपलब्ध कराने के नाम पर ₹15,000 तक की सुरक्षा राशि जमा कराई थी। कर्मचारियों का दावा है कि न तो उन्हें वादा किए गए संसाधन मिले और न ही समय पर वेतन का भुगतान किया गया। इसके बाद प्रभावित कर्मचारियों ने पुलिस और श्रम विभाग से शिकायत की।

पुलिस ने शिकायतों के आधार पर कंपनी के CEO हर्षल ठाकरे को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और कर्मचारियों को गुमराह करने जैसे आरोपों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां कंपनी के वित्तीय लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया की भी जांच कर रही हैं।

इस घटना ने आईटी सेक्टर में रोजगार सुरक्षा और निजी कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों ने बकाया वेतन और जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है, जबकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।