देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर किसानों और कृषि विशेषज्ञों की विशेष नजर बनी हुई है। कई राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दलहन जैसी प्रमुख फसलों के लिए पर्याप्त वर्षा को महत्वपूर्ण माना जाता है।
कृषि विभाग और मौसम विशेषज्ञ लगातार मानसून की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसानों को समय पर आवश्यक सलाह और जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में बीज, उर्वरक और सिंचाई संसाधनों की व्यवस्था को लेकर भी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य या बेहतर मानसून से कृषि उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और खाद्य सुरक्षा को लाभ मिल सकता है। वहीं, मौसम में किसी भी बड़े बदलाव का असर फसल उत्पादन और कृषि बाजारों पर पड़ सकता है, इसलिए किसान मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।