भारत सरकार ने सरकारी बॉन्ड बाजार को और अधिक आकर्षक तथा निवेशक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का लक्ष्य विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना, बाजार में तरलता को मजबूत करना और भारतीय ऋण बाजार को वैश्विक वित्तीय प्रणाली के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से भारत में दीर्घकालिक विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे बुनियादी ढांचा, उद्योग और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, सुधारों से भारतीय बॉन्ड बाजार की वैश्विक पहचान मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।