विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मधुबनी जिले में बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर समाहरणालय परिसर से अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार ने जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता संतोष कुमार ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसके उन्मूलन के लिए सभी वर्गों के लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार प्राप्त है। बच्चों से मजदूरी कराना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी अन्याय है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
जागरूकता प्रचार वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों, बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों, बच्चों के अधिकारों तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देगा। वाहन के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि बाल श्रम मुक्त समाज का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, बाल संरक्षण इकाई तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं, तभी बच्चों को सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सकेगा।
