झरिया में श्रद्धाभाव से मनाई गई कामरेड ए.के. राय की 11वीं जयंती, मजदूर हितों के संघर्ष को किया याद

धनबाद झरिया के नुनुडीह स्थित कामरेड ए.के. राय स्मृति भवन प्रांगण में सोमवार को मजदूरों के मसीहा और जननेता स्वर्गीय कामरेड ए.के. राय की 11वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कामरेड ए.के. राय के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि राय साहब जीवनभर मजदूरों, गरीबों और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहे। उन्होंने मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए लगातार आंदोलन किए और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया।

वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को कामरेड ए.के. राय के आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सांसद और विधायक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने हमेशा आम लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि कामरेड ए.के. राय का योगदान धनबाद और झारखंड की राजनीति तथा मजदूर आंदोलनों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

इस अवसर पर माले नेता कामरेड सबूर गोराई, आर.एन. घोष, पूर्व पार्षद बिरेन गोराई, सोनू गोराई, एम.डी. आजाद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। महिलाओं में ललिता देवी, पुतुल देवी, बुलू देवी, शकुंतला देवी, गुड़िया देवी, सुनीता देवी, मीना कुमारी समेत कई लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।