बेतिया, पश्चिम चंपारण (बिहार)। पश्चिम चंपारण जिले के बहुचर्चित 9.5 किलो चरस तस्करी मामले में बेतिया व्यवहार न्यायालय ने नेपाली मूल के एक तस्कर को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला एनडीपीएस एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश नलिन कुमार पाण्डेय की अदालत ने सुनाया। दोषी की पहचान प्रेमी शाह कानू उर्फ थारू शाह, नेपाल निवासी, के रूप में हुई है।
विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि 3 सितंबर 2023 को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को नेपाल से भारतीय सीमा में बड़ी मात्रा में चरस की तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सिकटा रेलवे क्रॉसिंग के समीप विशेष जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान एसएसबी और संबंधित एजेंसियों ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9 किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 15 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस फैसले को सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कानून की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
