मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय के चर्चित पत्रकार सह आरटीआई कार्यकर्ता बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा हत्याकांड की जांच को लेकर बेनीपट्टी अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। केस संख्या 243/2021 की सुनवाई के दौरान एसीजेएम प्रथम श्री बृजनाथ की अदालत ने जांच में हो रही देरी, महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पड़ताल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी को लेकर नाराजगी जताई है।
अदालत ने 164 के तहत दर्ज बयानों में सामने आए नामों की जांच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों की गंभीरता से पड़ताल करने और मामले की जांच को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
अदालत की ओर से जांच की निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी को बदलने का निर्देश दिया है, ताकि जांच को निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
अदालत के आदेश की प्रति बिहार के डीजीपी और पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। करीब चार साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस जांच की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
अब नए जांच अधिकारी के सामने मामले से जुड़े पुराने साक्ष्यों, बयानों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर जांच को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। अदालत के निर्देश के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
