प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य एशिया दौरे के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा देने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, डिजिटल तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का रास्ता खुल गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। भारत और उज्बेकिस्तान ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देगा। दोनों देशों ने आपसी विश्वास, साझा हितों और दीर्घकालिक सहयोग के आधार पर भविष्य में और अधिक साझेदारी विकसित करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।