गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही बड़हरा प्रखंड के पिपरपांती गांव में कटाव की रफ्तार तेज हो गई है। कटाव की चपेट में आने से करीब 20 मीटर चौड़ा और 30 मीटर लंबा जमीन का हिस्सा गंगा में विलीन हो गया। वहीं, सोमवार रात कटाव की चपेट में आने से एक पक्का मकान भी गंगा की धारा में समा गया।
जमीन और मकान के नदी में समाने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के सामने अब कटाव से अपने घर और जमीन को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गंगा का पानी कम होने के बाद नदी किनारे कटाव की रफ्तार बढ़ गई है। लगातार हो रहे कटाव से आसपास के इलाकों में भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीण प्रशासन से कटावरोधी उपाय किए जाने और गांव को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं।
मामले को लेकर सांसद सुदामा प्रसाद ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिपरपांती के लिए पक्का बांध ही स्थायी समाधान है। सांसद ने कहा कि यदि उनकी ओर से उठाई गई आवाज पर समय रहते अमल किया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए।
कटाव के कारण ग्रामीणों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और घर एवं जमीन कटाव की चपेट में आ सकते हैं।
