खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR) के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से बुधवार को रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विधेयक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
धरना को संबोधित करते हुए राजद के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आह्वान पर देशभर में MMDR विधेयक के विरोध में राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार खनिज संपन्न राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
राघवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि प्रस्तावित MMDR विधेयक से झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उनका दावा है कि इस कानून के लागू होने से झारखंड को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसका असर राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है।
धरना के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार से विधेयक पर पुनर्विचार करने और राज्य सरकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खनिज संसाधनों पर राज्यों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में राजद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान नेताओं ने MMDR विधेयक को वापस लेने की मांग दोहराते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही।
