पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को बांकुड़ा पुलिस लाइन के कॉन्फ्रेंस हॉल में माओवादी संगठन के तीन शीर्ष नेताओं ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में जबा महतो, नयनतारा साहू और रामप्रसाद मंडी उर्फ शचीन बांग्ला शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों नेताओं ने पश्चिमांचल के एडीजी आनंद कुमार के समक्ष अपने हथियार जमा किए और हिंसा का रास्ता छोड़ने की घोषणा की। बताया गया कि इनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नेताओं ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जंगल और हथियारों के बीच जीवन बिताया, लेकिन अब वे सामान्य जीवन जीते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की इच्छा जताई।
पुलिस का दावा है कि आत्मसमर्पण करने वाले तीनों नेताओं के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 80 से अधिक मामले दर्ज हैं। अधिकारियों ने इसे माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उपलब्ध सुविधाएं नियमानुसार प्रदान की जाएंगी। साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
