कार्यालय वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर, सिंहभूम मंडल के पत्रांक JSR/BD/Parcel/2025 (दिनांक 14.09.2026) में दिए गए निर्देशों के आलोक में, सिंहभूम मंडल की एक विशेष प्रतिनिधि टीम ने माननीय उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम श्री राजीव रंजन जी से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रिलेशनशिप मैनेजर श्री उज्ज्वल दास गुप्ता, रिलेशनशिप मैनेजर श्री उमाशंकर प्रसाद, श्री राम प्रवेश पंडित एवं श्री निशांत कुमार कर रहे थे।
मुलाकात के दौरान अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में डाक विभाग की विभिन्न लोक-कल्याणकारी व प्रशासनिक सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।
सरकारी योजनाओं का अंतिम छोर तक वितरण (Last Mile Delivery): प्रतिनिधिमंडल ने माननीय उपायुक्त महोदय को अवगत कराया कि केंद्र सरकार की स्किल डेवलपमेंट, पीएम विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के किट व सामग्रियों का संचरण डाक विभाग द्वारा पूरी कुशलता से किया जा रहा है।
इसी तर्ज पर, राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों तक पहुँचाई जाने वाली सामग्रियों एवं सेवाओं के लिए डाक विभाग के सुदृढ़ व सुदूर ग्रामीण नेटवर्क (‘लास्ट माइल रीच’) का उपयोग करने का विनम्र अनुरोध किया गया।
डाक जीवन बीमा एवं वित्तीय साक्षरता सत्र: बैठक के दौरान पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI) एवं डाकघर बचत योजनाओं के लाभों पर चर्चा की गई। समाहरणालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों के बीच वित्तीय सुरक्षा व जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक संक्षिप्त जागरूकता सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। माननीय उपायुक्त महोदय ने इस पहल का सहर्ष स्वागत करते हुए कर्मियों के हित में 2 घंटे का विशेष जागरूकता सत्र आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान की।
डोरस्टेप पार्सल/डाक सेवा एवं ‘बुक नाउ, पे लेटर’ (BNPL): जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से निर्गत होने वाले शासकीय पत्रों एवं पार्सल के लिए ‘डोरस्टेप सर्विस’ तथा ‘बुक नाउ, पे लेटर’ (BNPL) सुविधा की जानकारी दी गई। उपायुक्त महोदय ने इस आधुनिक व सुगम सेवा की सराहना करते हुए इसका औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा, जिस पर जिला प्रशासन द्वारा सकारात्मक विचार किया जाएगा।
विरासत का सम्मान एवं पूर्व अनुभव: बातचीत के दौरान उपायुक्त महोदय ने बिहार परिमंडल की मुख्य डाक महाध्यक्ष श्रीमती शशि शालिनी कुजूर जी के साथ पूर्व में किए गए समन्वय व सफल कार्यक्रमों के सुखद संस्मरण साझा किए। उन्होंने आत्मीयता से कहा कि “डाक विभाग केवल एक सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक धरोहर और अटूट विश्वास की विरासत है।” उन्होंने इस राष्ट्रीय विरासत को संरक्षित व सशक्त करने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही, उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में 30 किलोग्राम तक राशन वितरण में डाक नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका पहले से स्थापित है।
मुलाकात के समापन पर प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय उपायुक्त महोदय को सम्मान स्वरूप पवित्र गंगाजल एवं विभाग की एक डायरी भेंट की गई।
यह बैठक डाक विभाग और जिला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ अत्यंत सकारात्मक एवं सार्थक रही।