पितृपक्ष मेला महासंगम के दौरान गया के देवघाट पर आस्था का अनूठा वैश्विक संगम देखने को मिला। विदेश से आए श्रद्धालुओं के एक समूह ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण अनुष्ठान किया।
इस दौरान विदेशी महिला श्रद्धालु भारतीय संस्कृति के रंग में पूरी तरह रंगी नजर आईं। उन्होंने भारतीय परिधान साड़ी पहनकर पूरे श्रद्धा भाव से पिंडदान और तर्पण की विधि पूरी की। विदेशी श्रद्धालुओं की आस्था और भारतीय परंपराओं के प्रति समर्पण ने देवघाट पर मौजूद अन्य तीर्थयात्रियों का भी ध्यान आकर्षित किया।
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि सनातन परंपराओं और पितरों के प्रति श्रद्धा देश की सीमाओं से परे है। पंडा समाज के अनुसार, हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु गया पहुंचकर पिंडदान करते हैं। हालांकि, भारतीय वेशभूषा में पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ विदेशी श्रद्धालुओं को पिंडदान करते देखना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
