धनबाद सिविल कोर्ट में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न पर एक दिवसीय कार्यशाला, सहिया और आशा वर्करों को दी गई कानूनी जानकारी

कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सिविल कोर्ट धनबाद में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), धनबाद के अध्यक्ष निकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर आयोजित की गई।

डालसा के सचिव मयंक तुषार टोपनो ने कार्यशाला की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

सहिया और आशा वर्करों को दी गई अधिनियम की जानकारी

कार्यशाला के दौरान सहिया एवं आशा वर्करों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है।

इसके साथ ही आंतरिक समिति (Internal Committee) और स्थानीय समिति (Local Committee) की भूमिका के बारे में भी जानकारी साझा की गई। महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की निर्धारित प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता पर जोर

कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी देना रहा। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने तथा शिकायतों के उचित निवारण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।