बांकुड़ा की अनोखी ‘सर्विस काली’ पूजा, मां के दरबार में नौकरी पाने की मन्नत मांगते हैं श्रद्धालु

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनमुखी में मां काली की एक अनोखी पूजा श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान रखती है। यहां मां काली को ‘सर्विस काली’ के नाम से जाना जाता है। स्थानीय मान्यता है कि मां की पूजा-अर्चना करने से नौकरी पाने की मनोकामना पूरी होने में मदद मिलती है। यही वजह है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवा भी मां के दरबार में अपनी मन्नत लेकर पहुंचते हैं।

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, इस पूजा की शुरुआत करीब 1940 में सोनमुखी के धर्मतला इलाके में हुई थी। बताया जाता है कि उस समय कुछ युवा बेरोजगारी से परेशान थे। उन्होंने मां काली की आराधना शुरू की और मन्नत मांगी कि यदि उन्हें नौकरी मिल जाती है, तो वे हर साल धूमधाम से मां की पूजा करेंगे।

प्रचलित कथा के मुताबिक, अगले ही साल उन युवाओं को अलग-अलग जगहों पर नौकरी मिल गई। इसके बाद उन्होंने अपनी मन्नत के अनुसार हर वर्ष भव्य तरीके से काली पूजा आयोजित करना शुरू कर दिया। इसी घटना के बाद मां को ‘सर्विस काली’ के नाम से पुकारा जाने लगा।

आज यह पूजा सोनमुखी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है। यहां मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास के साथ लोग रोजगार, सुख-समृद्धि और बेहतर भविष्य की कामना करते हैं। आस्था और स्थानीय परंपरा से जुड़ी यह अनोखी पूजा क्षेत्र में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।