टीएमसी सांसद सागरिका घोष का बयान — “दीघा का जगन्नाथ मंदिर सभ्यता का प्रतीक, 8 महीनों में 1 करोड़ भक्त पहुंचे; बंगाल विश्वास को हथियार नहीं बनाता”
नई दिल्ली : मंगलवार को राज्यसभा में टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने पश्चिम बंगाल के Digha Jagannath Temple के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि “दीघा का भगवान जगन्नाथ मंदिर सभ्यता का एक प्रकाशस्तम्भ है।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल आठ महीनों में इस मंदिर में लगभग 1 करोड़ भक्तों ने दर्शन किए हैं, जो स्थानीय पर्यटन और धार्मिक चेतना का प्रतिनिधित्व करता है।
सागरिका घोष ने लोकसभा / राज्यसभा में यह बात उठाई कि “बंगाल कभी भी आस्था को हथियार के रूप में उपयोग नहीं करता, बल्कि हम उसे जीवित रखते हैं और उसका सम्मान करते हैं।” उनके अनुसार, दीघा का जगन्नाथ मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बना है, बल्कि यह सभ्यता और संस्कृति के आदान‑प्रदान का केंद्र भी बन रहा है।
दीघा का जगन्नाथ मंदिर हाल ही में उद्घाटित हुआ था और इसे पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की शैली में बनाया गया है, जिससे यह तटीय शहर में एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में उभरा है।









