नई दिल्ली ; पवन खेड़ा ने देश में गैस आपूर्ति और ऊर्जा नीतियों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के कई घरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी महसूस की जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का वजन 14.2 किलोग्राम से घटाकर 10 किलोग्राम करने पर विचार कर रही है। पवन खेड़ा के अनुसार, इस स्थिति के कारण छोटे-बड़े उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो रहे हैं और कुछ बंद होने की कगार पर हैं।
उन्होंने ऊर्जा व्यापार के संदर्भ में कहा कि पहले ईरान से तेल खरीद स्थानीय मुद्रा में होने के कारण विदेशी मुद्रा पर असर नहीं पड़ता था, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूती मिलती थी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े हालिया बदलावों के बीच विभिन्न देश नई मुद्रा व्यवस्थाओं पर बातचीत कर रहे हैं, जिसका प्रभाव भारत पर भी पड़ सकता है। उनके इस बयान को मौजूदा आर्थिक और विदेश नीति के मुद्दों पर केंद्र सरकार के प्रति एक राजनीतिक आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।








