नई दिल्ली ; पवन खेड़ा ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखी टिप्पणी की है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी निंदा करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मामले में भी प्रधानमंत्री की ओर से शोक व्यक्त नहीं किया गया।
पवन खेड़ा ने कहा कि यदि भारत एक सशक्त और स्पष्ट विदेश नीति अपनाता, तो निंदा और शोक दोनों व्यक्त किए जाते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा स्थिति के कारण देश को ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को लेकर ऐसी कोई परिस्थितियां हैं, जिनके कारण सरकार राष्ट्रीय हितों पर खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रही है। साथ ही उन्होंने अन्य देशों के उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ देश अपने हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट रुख अपनाते हैं, जबकि भारत की ओर से वैसी प्रतिक्रिया नहीं दिख रही है।








