झारखंड की राजनीति में इन दिनों बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल सत्ता हासिल करने के लिए समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि ऐसी राजनीति से देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचता है। वहीं, विपक्षी दलों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार पर विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
राज्य में इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी रणनीतियों और जनसभाओं में प्रमुख रूप से देखने को मिल सकता है।





