दुनिया की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। नई उभरती शक्तियों और बदलते आर्थिक समीकरणों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संतुलन में परिवर्तन आ रहा है।
एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देश अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जिससे पारंपरिक महाशक्तियों का प्रभाव धीरे-धीरे चुनौती के दायरे में आ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुध्रुवीय (Multipolar) विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ते इस दौर में कूटनीतिक संबंध, व्यापारिक साझेदारियां और सुरक्षा नीतियां नए सिरे से तय हो रही हैं।